बजट 2026 की 10 बड़ी घोषणाएं- TAX, स्वास्थ्य, शिक्षा आम आदमी के लिए अच्छी और बुरी खबरें

दोस्तों, आज देश का बजट 2026 पेश हो चुका है और बजट आते ही इसका असर सीधे शेयर बाजार से लेकर आम आदमी की जेब तक साफ दिखाई देने लगा है। बजट के दिन भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स करीब 2300 अंकों तक टूट गया, हालांकि बाद में थोड़ी रिकवरी आई और बाजार करीब 1600 अंक गिरकर 80,600 के आसपास बंद हुआ। निफ्टी भी लगभग 550 अंक नीचे चला गया। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह रही सरकार का वह फैसला, जिसमें सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया। जैसे ही यह ऐलान हुआ, शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों में घबराहट फैल गई और भारी बिकवाली देखने को मिली।

बजट के साथ ही आज से कई नए नियम भी लागू हो गए हैं। सिगरेट के दाम 40% तक बढ़ चुके हैं, कमर्शियल गैस सिलेंडर ₹50 महंगा हो गया है और कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर KYC से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। कुल मिलाकर बजट 2026 ने एक साथ कई सेक्टरों को प्रभावित किया है। अब आइए, पूरे बजट को आसान शब्दों में समझते हैं और जानते हैं कि सरकार ने इस बार कौन-कौन से 10 बड़े ऐलान किए हैं।


बजट 2026 के तीन बड़े विज़न

बजट भाषण के दौरान सरकार ने साफ किया कि इस बार का बजट तीन मुख्य विज़न पर आधारित है। पहला विज़न है रफ्तार, यानी देश की आर्थिक ग्रोथ को तेज करना और प्रोडक्टिविटी बढ़ाना। दूसरा विज़न है क्षमता, जिसका मतलब है लोगों की स्किल और काबिलियत को निखारना ताकि वे देश की तरक्की में भागीदार बन सकें। तीसरा और सबसे अहम विज़न है सबका साथ, यानी हर वर्ग और हर क्षेत्र को विकास का मौका देना। इसी सोच के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और स्किल डेवलपमेंट पर ज्यादा फोकस किया गया है।


बजट 2026 की 10 सबसे बड़ी घोषणाएं (Points में)

  • इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं
    इस बार भी मिडिल क्लास को टैक्स स्लैब में कोई राहत नहीं मिली। हालांकि सरकार ने एक छोटी राहत दी है कि अब रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर की जगह 31 मार्च कर दी गई है।

  • कैंसर की 17 दवाइयां हुईं ड्यूटी फ्री
    हेल्थ सेक्टर में यह सबसे बड़ा ऐलान माना जा रहा है। कैंसर की 17 लाइफ सेविंग दवाओं पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह हटा दी गई है, जिससे इलाज सस्ता होगा।

  • तीन नए आयुर्वेदिक एम्स बनाए जाएंगे
    देश में आयुर्वेदिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए तीन आयुर्वेदिक एम्स बनाने की घोषणा की गई है। इससे मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

  • 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
    मुंबई, पुणे, हैदराबाद, बेंगलुरु, दिल्ली, वाराणसी और सिलीगुड़ी जैसे शहरों को जोड़ने के लिए 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे।

  • टियर-2 और टियर-3 शहरों पर फोकस
    5 लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए करीब 12 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

  • लड़कियों के लिए स्पेशल हॉस्टल
    देश के लगभग 800 जिलों में लड़कियों के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे, ताकि शिक्षा में उनकी भागीदारी बढ़े।

  • स्कूल और कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब
    15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब बनाई जाएंगी, जिससे युवाओं को नए स्किल्स सीखने का मौका मिलेगा।

  • एविएशन सेक्टर को बढ़ावा
    सिविल एयरक्राफ्ट और उनके मेंटेनेंस से जुड़े सामान पर इंपोर्ट ड्यूटी हटाई गई है, जिससे हवाई यात्रा सस्ती हो सकती है।

  • मोटर एक्सीडेंट क्लेम पर टैक्स छूट
    अब मोटर वाहन दुर्घटना में मिलने वाले इंश्योरेंस क्लेम पर इनकम टैक्स नहीं लगेगा।

  • राजकोषीय घाटा घटाने का लक्ष्य
    सरकार का अनुमान है कि 2026-27 में फिस्कल डेफिसिट घटकर GDP का 4.3% रह जाएगा।


शेयर बाजार और निवेशकों के लिए क्या बदला

बजट 2026 शेयर बाजार के लिए ज्यादा अनुकूल नहीं माना जा रहा। STT बढ़ने से फ्यूचर और ऑप्शन ट्रेडिंग महंगी हो गई है। इसी वजह से बजट के दिन ही बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। इसके अलावा सोना-चांदी की कीमतों में भी लगातार गिरावट आई है। दो दिनों में चांदी करीब ₹1.36 लाख सस्ती हुई और सोना भी हजारों रुपये टूट चुका है। इसे बाजार में प्रॉफिट बुकिंग का असर माना जा रहा है।


आम आदमी को क्या मिला?

ईमानदारी से देखें तो इस बजट में आम आदमी के लिए कोई बहुत बड़ा सीधा फायदा नजर नहीं आता। इनकम टैक्स में राहत नहीं, महंगाई से जूझ रहे लोगों के लिए कोई खास ऐलान नहीं। हालांकि हेल्थ, इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में किए गए निवेश का फायदा लंबे समय में मिल सकता है।


निष्कर्ष

बजट 2026 एक ऐसा बजट है जो भविष्य की तैयारी पर ज्यादा फोकस करता है। इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ, आयुर्वेद, रेल और एविएशन सेक्टर को मजबूत करने की कोशिश की गई है, लेकिन मिडिल क्लास और आम आदमी को तुरंत राहत नहीं मिली। शेयर बाजार की तेज गिरावट भी यही संकेत देती है कि निवेशक इस बजट से पूरी तरह खुश नहीं हैं। अब देखना यह होगा कि आने वाले महीनों में इन घोषणाओं का असर जमीन पर कितना नजर आता है।

Leave a Comment