बड़ी खबर 2026: विश्वकर्मा योजना से 5% ब्याज पर मिलेगा ₹3 लाख का लोन – ऑनलाइन आवेदन

2026 की शुरुआत में कारीगरों और पारंपरिक काम करने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अगर आप लोहार, बढ़ई, सुनार, कुम्हार, मोची, दर्जी, राजमिस्त्री या किसी भी तरह का हाथ का हुनर (स्किल) रखने वाले कामगार हैं, तो अब सरकार आपको सिर्फ पहचान के आधार पर नहीं, बल्कि आपके हुनर के दम पर ₹3 लाख तक का लोन सिर्फ 5% ब्याज दर पर दे रही है। यह सुविधा विश्वकर्मा योजना के तहत दी जा रही है और खास बात यह है कि इसका ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है।

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि यह योजना किसके लिए है। पीएम विश्वकर्मा योजना भारत सरकार की एक खास पहल है, जिसका मकसद देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। Budget 2026 के बाद इस योजना को और ज्यादा प्रभावी बनाया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें और अपने काम को आगे बढ़ा सकें।

इस योजना के तहत सरकार कारीगरों को दो चरणों में लोन देती है। पहले चरण में ₹1 लाख तक का लोन मिलता है और अगर लाभार्थी समय पर किस्तें चुकाता है, तो दूसरे चरण में ₹2 लाख तक का अतिरिक्त लोन दिया जाता है। इस तरह कुल मिलाकर ₹3 लाख तक का लोन मिलता है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस लोन पर सिर्फ 5% सालाना ब्याज लगता है, जबकि बाकी ब्याज का हिस्सा सरकार खुद वहन करती है। यानी बाजार के मुकाबले यह लोन काफी सस्ता पड़ता है।

विश्वकर्मा योजना की एक और खास बात यह है कि इसमें कोई गारंटी या संपत्ति गिरवी नहीं रखनी होती। यह पूरी तरह भरोसे और कौशल पर आधारित योजना है। इसके अलावा सरकार सिर्फ लोन ही नहीं देती, बल्कि कारीगरों को ट्रेनिंग, टूलकिट सहायता और डिजिटल पेमेंट से जुड़ी ट्रेनिंग भी देती है, ताकि वे अपने काम को आधुनिक तरीके से कर सकें और ज्यादा कमाई कर सकें।

अब बात करते हैं पात्रता की। इस योजना का लाभ वही लोग ले सकते हैं जो पारंपरिक कारीगरी या हुनर से जुड़े काम करते हैं। आवेदक की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए और वह भारत का नागरिक होना चाहिए। आधार कार्ड और बैंक अकाउंट होना जरूरी है। इसके साथ यह भी देखा जाता है कि आवेदक पहले से किसी बड़े सरकारी लोन का डिफॉल्टर न हो। अच्छी बात यह है कि इसमें ज्यादा डॉक्यूमेंट की जरूरत नहीं पड़ती।

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया भी काफी सरल रखी गई है। आवेदक को आधिकारिक पोर्टल पर जाकर विश्वकर्मा योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करना होता है। आधार से eKYC पूरी की जाती है, फिर अपने काम से जुड़ी जानकारी भरनी होती है। इसके बाद आवेदन की जांच होती है और पात्र पाए जाने पर पहले चरण का लोन अप्रूव कर दिया जाता है। पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने की वजह से अब बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती।

कई लोग यह सवाल भी पूछते हैं कि क्या यह लोन तुरंत मिल जाता है। तो इसका जवाब यह है कि आवेदन सही होने पर प्रक्रिया तेज जरूर है, लेकिन “तुरंत” का मतलब कुछ मिनट नहीं होता। आमतौर पर सत्यापन और अप्रूवल में कुछ दिन लग सकते हैं। हालांकि Budget 2026 के बाद सरकार ने निर्देश दिए हैं कि ऐसे आवेदनों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि कारीगरों को समय पर मदद मिल सके।

इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह सिर्फ लोन तक सीमित नहीं है। सरकार चाहती है कि कारीगर आत्मनिर्भर बनें, अपने काम को बढ़ाएं और दूसरों को भी रोजगार दें। कम ब्याज दर, बिना गारंटी लोन और ट्रेनिंग जैसी सुविधाएं इस योजना को आम लोन योजनाओं से बिल्कुल अलग बनाती हैं।

निष्कर्ष
2026 में अगर आप किसी पारंपरिक हुनर से जुड़े हैं और अपने काम को आगे बढ़ाने के लिए पैसों की जरूरत है, तो विश्वकर्मा योजना से 5% ब्याज पर ₹3 लाख का लोन आपके लिए एक बेहतरीन मौका है। ऑनलाइन आवेदन, आसान प्रक्रिया और सरकारी भरोसा—ये तीनों बातें इस योजना को खास बनाती हैं। सही जानकारी के साथ आवेदन करेंगे, तो यह योजना आपके हुनर को कमाई में बदलने का मजबूत जरिया बन सकती है।

Leave a Comment